Hindi हिंदी क्षितिज-2

प्रश्न 4-7: कवि ने जो सुख का स्वप्न देखा था उसे कविता में किस रूप में अभिव्यक्त किया है ?

उत्तर 4-7: कवि के सुखद स्वप्न में उन्हें अपने प्रेयसी के साथ कुछ क्षण बिताने का मौका मिला। आलिंगन में लेने से पूर्व उनकी प्रेयसी उनसे दूर चली गयी। चाँदनी रात में प्रेयसी के साथ हुई बातें सदा के लिए दुःख में तब्दील हो गयीं।


प्रश्न 4-8: इस कविता के माध्यम से प्रसाद जी के व्यक्त्तित्व की जो झलक मिलती है, उसे अपने शब्दों में लिखिए।

उत्तर 4-8: जयशंकर प्रसाद जी छायावादी काव्य के परवर्तक हैं। उनका जीवन सादगी भरा रहा। उन्होंने अभावग्रस्त जीवन जीया। वे विनम्र स्वभाव के थे। दिखावे नाम की कोई चीज़ उनके जीवन में नहीं रही। उन्होंने धोखे खाये परन्तु अपनी सरलता और भोलापन नहीं छोड़ा। अपनी कमज़ोरियों को वो सबके सामने लाने में वे हिचकते थे चूँकि उन्हें पता था कि ऐसा कर वे उपहास का पात्र बन जाएँगें। वे अपने दुःखों को खुद तक सीमित रखना चाहते थे।