Hindi हिंदी क्षितिज-2

प्रश्न 5-6: छायावाद की एक खास विशेषता है अन्तर्मन के भावों का बाहर की दुनिया से सामंजस्य बिठाना। कविता की किन पंक्तियों को पढ़कर यह धारणा पुष्ट होती है?लिखिए।

उत्तर 5-6: कविता के निम्नलिखित पंक्तियों को पढ़कर यह धारणा पुष्ट होती है कि प्रस्तुत कविता में अन्तर्मन के भावों का बाहर की दुनिया से सामंजस्य बिठाया गया है :
आभा फागुन की तन
सट नहीं रही है।
उड़ने को नभ में तुम
पर-पर कर देते हो,
आँख हटाता हूँ तो
हट नहीं रही है।


प्रश्न 5-7: कवि की आँख फागुन की सुंदरता से क्यों नहीं हट रही है?

उत्तर 5-7: कवि की आँख फागुन की सुंदरता से इसलिए हट नहीं रही है क्योंकि इस महीने में प्रकृति का सौंदर्य अत्यंत मनमोहक होता है। पेड़ों पर हरी और लाल पत्तियाँ लटक रहे हैं। चारों ओर फैली हरियाली और खिले रंग-बिरंगे फूल अपनी सुगंध से मुग्ध कर देते हैं। प्रकृति का नया रंग और सुगंध जीवन में नयी ऊर्जा का संचार करती है।


प्रश्न 5-8: प्रस्तुत कविता में कवि ने प्रकृति की व्यापकता का वर्णन किन रूपों में किया है ?

उत्तर 5-8: प्रस्तुत कविता में कवि ने प्रकृति की व्यापकता का वर्णन निम्नलिखित रूपों में किया है-
• पेड़-पौधे नए पत्ते पाकर खिलखिला रहे हैं।
• फूलों की खुशबू वातावरण को सुगन्धित कर रही है।
• डालियाँ कहीं हरी तो कहीं लाल पत्तियों से भर जाती हैं।
• बाग़-बगीचों में चारों ओर हरियाली छा गयी है।
• कवि को प्रकृति के सौंदर्य से आँख हटाना मुश्किल लग रहा है।