प्रश्न 16-1. शहनाई की दुनिया में डुमराँव को क्यों याद किया जाता है? प्रश्न 16-2. बिस्मिल्ला खाँ को शहनाई की मंगलध्वनि का नायक क्यों कहा गया है? प्रश्न 16-3. सुषिर-वाद्यों से क्या अभिप्राय है? शहनाई को 'सुषिर वाद्यों में शाह' की उपाधि क्यों दी गई होगी? प्रश्न 16-4. आशय स्पष्ट कीजिए -(क) 'फटा सुर न बख्शें। लुंगिया का क्या है, आज फटी है, तो कल सी जाएगी। प्रश्न 16-5. काशी में हो रहे कौन-से परिवर्तन बिस्मिल्ला खाँ को व्यथित करते थे? प्रश्न 16-6. पाठ में आए किन प्रसंगों के आधार पर आप कह सकते हैं कि -(क) बिस्मिल्ला खाँ मिली-जुली संस्कृति के प्रतीक थे। प्रश्न 16-7. बिस्मिल्ला खाँ के जीवन से जुड़ी उन घटनाओं और व्यक्तियों का उल्लेख करें जिन्होंने उनकी संगीत साधना को समृद्ध किया? प्रश्न 16-8. बिस्मिल्ला खाँ के व्यक्तित्व की कौन-कौन सी विशेषताओं ने आपको प्रभावित किया? प्रश्न 16-9. मुहर्रम से बिस्मिल्ला खाँ के जुड़ाव को अपने शब्दों में लिखिए। प्रश्न 16-10. बिस्मिल्ला खाँ कला के अनन्य उपासक थे, तर्क सहित उत्तर दीजिए। प्रश्न 16-11. निम्नलिखित मिश्र वाक्यों के उपवाक्य छाँटकर भेद भी लिखिए- (क) यह ज़रुर है कि शहनाई और डुमराँव एक-दूसरे के लिए उपयोगी हैं। प्रश्न 16-12. निम्नलिखित वाक्यों को मिश्रित वाक्यों में बदलिए-(क) इसी बालसुलभ हँसी में कई यादें बंद हैं।