प्रश्न 7-1: कवि ने कठिन यथार्थ के पूजन की बात क्यों कही है? प्रश्न 7-2: भाव स्पष्ट कीजिए -प्रभुता का शरण-बिंब केवल मृगतृष्णा है, प्रश्न 7-3: 'छाया' शब्द यहाँ किस संदर्भ में प्रयुक्त हुआ है? कवि ने उसे छूने के लिए मना क्यों किया है? प्रश्न 7-4: कविता में विशेषण के प्रयोग से शब्दों के अर्थ में विशेष प्रभाव पड़ता है, जैसे कठिन यथार्थ। प्रश्न 7-5: 'मृगतृष्णा' किसे कहते हैं, कविता में इसका प्रयोग किस अर्थ में हुआ है? प्रश्न 7-6: 'बीती ताहि बिसार दे आगे की सुधि ले' यह भाव कविता की किस पंक्ति में झलकता है? प्रश्न 7-7: कविता में व्यक्त दुख के कारणों को स्पष्ट कीजिए।