Sanskrit Ruchira-3 संस्कृत रुचिरा 3

Question 2: श्लोकांशान् योजयत −
 

(क)

किं कुर्यात् कातरो युद्धे

मृगात् सिंह: पलायते।

(ख)

विद्वद्भि: का सदा वन्घा

अत्रैवोक्तं न बुध्यते।

(ग)

कं सञ्जघान कृष्ण:

काशीतलवाहिनी गङ्गा।

(घ)

कथं विष्णुपदं प्रोक्तं

तक्रं शक्रस्य दुर्लभम्।

Answer :
 

(क)

किं कुर्यात् कातरो युद्धे

अत्रैवोक्तं न बुध्यते।

(ख)

विद्वदभि: का सदा वन्घा

तक्रं शक्रस्य दुर्लभम्।

(ग)

कं सञ्जघान कृष्ण

मृगात् सिंह: पलायते।

(घ)

कथं विष्णुपदं प्रोक्तं

काशीतलवाहिनी गङ्गा।